6 फ़रवरी से 15 फ़रवरी!!- शिव नवरात्रि में सजेगा महाकाल का दरबार, दूल्हा बनेंगे महादेव…. !!

 

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि से शुरू हो जाती है महादेव के विवाह की तैयारियाँ,,,,,!!

,

इन नौ दिनों में महादेव को अलग अलग शृंगार किए जाते हैं एवं उन्हें ढोल नगाड़ों के साथ सुसज्जित किया जाता है। इस नौ दिन एवं रात्रि के पर्व को शिव नवरात्रि उत्सव बोलते हैं एवं उज्जैन में विशेषकर महाकाल का शृंगार किया जाता है।

महाशिवरात्रि से पहले की 9 रातों को शिव नवरात्रि कहा जाता है, जो मुख्य रूप से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के 9 दिन पहले शुरू होती है।यह फाल्गुन कृष्ण पंचमी (6 फरवरी 2026) से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलती है, जिसमें महाकाल का 9 दिनों तक अलग-अलग दूल्हे के रूप में श्रृंगार और विवाह उत्सव मनाया जाता है।

.

६ फ़रवरी से मंदिर के पुजारी महादेव को केसर – चंदन एवं माता पार्वती को हल्दी-गुलाब एवं गुलाब जल का उबटन लगाएँगे। महादेव को दूल्हा स्वरूप सजाया जाएगा एवं दिन भर पूजा अर्चना होगी एवं संध्या को शृंगार किया जाएगा एवं रतजगा में भजन कीर्तन गाए जाएँगे। .

.
शिव नवरात्रि (2026) की अवधि:

इस वर्ष शिव नवरात्रि 6 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक मनायी जाएगी । इस वर्ष अष्टमी तिथि के अधिक होने से यह नवरात्रि १० दिनों की रहेगी। शुक्रवार को प्रातः काल कोटेश्वर महादेव का पूजन होगा, एवं भोग आरती एवं संध्या पूजन का समय अलग निर्धारित होगा। प्रातः १०:३० बजे की भोग आरती दोपहर एक बजे होगी, संध्या पूजन जो ५ बजे होती है वह इन नौरात्रियों में  सांय ३ बजे को होगी।।

,

, शिव नवरात्रि की विशेष परंपरा: 

इस वर्ष उज्जैन में इन 9 दिनों में महाकाल को हल्दी-मेहंदी लगाकर विवाह की रस्में निभाई जाती हैं।शिव नवरात्रि के अंतिम दिन महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल को सेहरा धारण कराया जाता है और यह क्षण अत्यंत अदभुद क्षण होता हैक्योंकि महादेव अब अपने विवाह के लिए पूर्ण रूप से सुसज्जित हो जाते हैं। 

,

महादेव के विवाह उत्सव में 14 फरवरी की रात 2:30 मिनट पर मंदिर के पट खुलेंगे और 16 फरवरी को रात 11pm बंद होंगे। इस पूरे समय में भक्त गण को पूरे  44 घंटे लगातार दर्शन पूजन का अवसर प्राप्त होगा। 

,

. आइए जानते हैं शिव नवरात्रि के 9 दिनों में किस दिन कैसा शृंगार होगा : 

,

6 फरवरी:  

इस दिन महादेव को भांग व दिव्य चंदन का श्रृंगार होगा । इस दिन ११ ब्राह्मण रुद्राभिषेक करेंगे एवं पूजन के पश्चात शृंगार होगा।

7 फरवरी: नवीन वस्त्र द्वारा महादेव का श्रृंगार किया जाएगा।

8 फरवरी: शेषनाग पर श्रृंगार होगा एवं एकादश एकादशनी रुद्रपाठ होगा।

9 फरवरी: नौरात्रि के चौथे दिन महादेव का घटाटोप श्रृंगार होता है।

इस दिन कटरा, मेखला, टुपट्टा, मुकुट, मुंडमाल, छत्र, माला और फूलों की माला महादेव को पहनाई जाती है.

10 फरवरी:

छबीना श्रृंगार – इस दिन महादेव को पीले वस्त्र धारण कर मुकुट, मुण्ड माला और फलों की माला पहनाई जाती है।

11 फरवरी: इस दिन महादेव का होलकर श्रृंगार किया जाता है।

12 फरवरी: मनमहेश श्रृंगार- इस शृंगार में महादेव माता पार्वती के साथ दर्शन देते हैं एवं उन्हें कथ्य राग से सजाया जाता है। 

13 फरवरी: उमा महेश श्रृंगार-  इस दिन लाल वस्त्र पहना कर महादेव को सजाया जाता है। 

14 फरवरी: शिवतांडव रूप में महादेव का श्रृंगार होगा।

15 फरवरी (महाशिवरात्रि): इस दिन महादेव को सेहरा चदया जाता है , सप्तधान्य (सेहरा) श्रृंगार होगा ।

इस पूरे पर्व में महादेव की कृपा अपने भक्तों पर रहती हैं एवं महादेव की पूजा करने से जीवन में आपके जो भी कष्ट हैं उनसे मुक्ति मिलती है।

Tags: , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published.

PHP Code Snippets Powered By : XYZScripts.com